नौकरी डॉट कॉम की कहानी

संजीव बिखचंदानी ने अपने स्कूल के दिनों से ही इस बात को लेकर मन बना लिया था कि वह नौकरी नहीं करना चाहते। मगर विडंबना देखिए कि वही बिखचंदानी अब लाखों भारतीयों को नौकरी ढूंढने में मदद कर रहे हैं। 
उनका, देश के सबसे प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला हुआ मगर उसे ठुकरा कर उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज में पढ़ना तय किया क्योंकि वह कम अवधि का कोर्स था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी कर ली। दो साल बाद जब उन्हें वहां सारी चीजें समझ में आ गयी तो उन्होंने नौकरी छोड़ दी।  1997 में जब संजीव बिखचंदानी ने नौकरी खोजने के लिए एक वेबसाइट बनाई तो उसे लोगों के बीच ऐसी लोकप्रियता मिली कि आज वह भारत के प्रमुख वेब बिज़नेस के मालिक हैं। ऐसी वेबसाइट के बारे में वह इसलिए सोच पाए क्योंकि उन्होंने अपने साथियों को बिज़नेस पत्रिकाएँ आगे के बजाए पीछे से पढ़ते देखा था जहाँ नौकरियों के बारे में जानकारी छपी होती थी। उन्होंने अपने पोर्टफोलियो में naukrigulf.com99acres.com और  jeevansathi.com आदि को शामिल कर लिया है। 

One comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *